PageMaker की 5 गुप्त ट्रिक्स जो आज के InDesign Users को भी नहीं पता
PageMaker की 5 गुप्त ट्रिक्स जो आज के InDesign Users को भी नहीं पता
आज जब हर कोई Adobe InDesign और नए-नए layout tools की बात करता है, तब PageMaker को लोग पुराना, outdated और बेकार मान लेते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि PageMaker सिर्फ एक software नहीं था, वह एक सोच थी।
भारत की printing industry, छोटे प्रेस, सरकारी छपाई और local designers आज भी PageMaker की ताकत को महसूस करते हैं। इस लेख में मैं आपको बताने वाला हूँ PageMaker की 5 ऐसी गुप्त ट्रिक्स जो आज भी कई InDesign users नहीं जानते।
🔹 ट्रिक 1: Master Page का असली जादू (जो InDesign में भी गलत इस्तेमाल होता है)
अधिकांश लोग Master Page को सिर्फ header-footer के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन PageMaker में Master Page का उपयोग पूरा layout control देने के लिए किया जाता था।
PageMaker की खास बात
- एक Master Page से पूरे अखबार या बुक का structure बदल देना
- Printing margin error लगभग zero
- Low RAM सिस्टम पर भी smooth performance
90 के दशक में जब कंप्यूटर 128MB RAM पर चलते थे, तब भी अखबार रातों-रात PageMaker में तैयार हो जाते थे। आज 16GB RAM में भी लोग complain करते हैं।
🔹 ट्रिक 2: Text Flow Control – PageMaker का सबसे underrated हथियार
InDesign users अक्सर text overflow से परेशान रहते हैं, जबकि PageMaker में text flow natural और predictable होता था।
यह ट्रिक क्या करती है?
एक text box से दूसरे box में text को इस तरह flow करना कि printing के समय line टूटे नहीं।
PageMaker में manual text threading सीख लेने वाला व्यक्ति कभी layout से नहीं डरता।
🔹 ट्रिक 3: Black Overprint Control – Printing का सबसे बड़ा राज
आज भी 70% printing गलती black overprint की वजह से होती है। PageMaker users इस समस्या को सालों पहले हल कर चुके थे।
PageMaker क्यों बेहतर था?
- Black हमेशा sharp print होता था
- Registration issue नहीं आता था
- Offset printing के लिए perfect
InDesign में सही setting न हो तो black grey बन जाता है, जबकि PageMaker में यह गलती rarely होती थी।
🔹 ट्रिक 4: Speed Layout – कम समय में ज्यादा काम
PageMaker slow नहीं था, वह fast brain वाले लोगों के लिए बना था।
Speed के कारण
- कम animation, ज्यादा control
- No distraction UI
- Keyboard shortcuts का heavy use
🔹 ट्रिक 5: PageMaker + CorelDRAW Combo (जो आज भी unbeatable है)
आज लोग software बदलते रहते हैं, लेकिन पुराने designers जानते हैं —
CorelDRAW + PageMaker = Printing King
- Design Corel में
- Layout PageMaker में
- Print accuracy maximum
आज भी कई प्रेस में यही workflow silently चल रहा है।
❓ क्या PageMaker सच में outdated है?
नहीं। Outdated software नहीं, सोच होती है।
PageMaker ने designers को सिखाया:
- Layout सोचकर बनाना
- Printing समझकर design करना
- Software पर नहीं, skill पर भरोसा करना
🔹 PageMaker सोच विकसित करता था, InDesign सुविधा देता है
आज का designer सुविधा का आदी हो चुका है। InDesign auto-features देता है, warning देता है, suggest करता है। लेकिन PageMaker designer को सोचने पर मजबूर करता था।
PageMaker में हर निर्णय user का होता था — line spacing से लेकर paragraph break तक। इसी वजह से PageMaker से निकला designer किसी भी software में खुद को ढाल लेता है।
आज के कई designers software बदलते ही घबरा जाते हैं, लेकिन पुराने PageMaker users बिना डर के adapt कर लेते हैं।
🔹 PageMaker ने Printing Discipline सिखाया
PageMaker के समय printing गलती की कीमत बहुत भारी होती थी। कोई undo नहीं, कोई instant fix नहीं।
Designer को क्या सीखना पड़ता था?
- Bleed और margin पहले सोचने पड़ते थे
- Font embedding का ध्यान रखना पड़ता था
- Image resolution का पूरा ज्ञान जरूरी था
इसी discipline की कमी आज printing errors की सबसे बड़ी वजह है।
---🔹 क्यों पुराने DTP Operators आज भी ज्यादा भरोसेमंद हैं?
यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं — “पुराने ऑपरेटर कम software जानते हैं, फिर भी बेहतर क्यों?”
क्योंकि उन्होंने:
- Software नहीं, process सीखा
- Effect नहीं, clarity पर काम किया
- Speed नहीं, accuracy को प्राथमिकता दी
🔹 PageMaker से निकली सबसे बड़ी सीख
PageMaker ने एक बात साफ सिखाई —
“Design देखने के लिए नहीं, छपने के लिए होता है”
आज social media design में यह बात लगभग भूल चुकी है। लेकिन printing industry में यह आज भी golden rule है।
---🔹 अगर PageMaker आज लौटे, तो क्या बदलेगा?
अगर आज PageMaker modern रूप में वापस आए, तो वह designers को:
- कम tools में बेहतर काम करना सिखाएगा
- Printing logic फिर से याद दिलाएगा
- Designer और operator में फर्क पैदा करेगा
Software बदल सकता है, लेकिन PageMaker की सोच अमर है।
🔹 नए designers के लिए कड़वी लेकिन सच्ची सलाह
अगर आप सिर्फ:
- Preset पर depend करते हैं
- Auto layout पर भरोसा करते हैं
- Printing errors को press की गलती मानते हैं
तो आपको PageMaker जैसी सोच सीखने की जरूरत है।
---🧠 अंतिम सीख (Golden Lesson)
PageMaker हमें यह सिखाता है कि Design software से नहीं, designer की समझ से बनता है।
जो यह बात समझ गया, वह किसी भी जमाने में पीछे नहीं रहेगा।
---🔚 निष्कर्ष (Conclusion)
अगर आप सिर्फ नया software सीख रहे हैं और printing logic नहीं समझते — तो आप designer नहीं, केवल operator हैं।
PageMaker आज भी हमें सिखाता है कि कम tools में भी बेहतर काम कैसे किया जाता है।
इसे bookmark करें, share करें और पुराने designers का सम्मान करना न भूलें।
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